
कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने शनिवार को अंकिता भंडारी के परिवार से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। राहुल गांधी ने कहा कि अंकिता भंडारी हत्याकांड को चार वर्ष बीत चुके हैं, लेकिन परिवार अब भी न्याय की प्रतीक्षा कर रहा है। उन्होंने मामले में लंबे समय से चर्चा में रहे कथित ‘वीआईपी एंगल’ को लेकर भी सवाल उठाए।
राहुल गांधी ने कहा कि 19 वर्षीय अंकिता भंडारी वनंतरा रिजॉर्ट में रिसेप्शनिस्ट के तौर पर काम करती थीं। आरोप है कि कथित वीआईपी मेहमान की मांग का विरोध करने के बाद उनकी हत्या कर दी गई। बाद में अंकिता का शव चीला नहर से बरामद हुआ था।
उन्होंने कहा कि मामले की जांच और घटनाक्रम को लेकर कई सवाल आज भी कायम हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि जांच पूरी होने से पहले रिजॉर्ट के कुछ हिस्सों और अंकिता के कमरे को ध्वस्त किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चर्चित ‘वीआईपी’ की पहचान और मामले में उसकी कथित भूमिका को लेकर स्थिति अब तक स्पष्ट क्यों नहीं हुई।
राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि राजनीतिक प्रभाव के चलते मामले से जुड़े महत्वपूर्ण सवालों को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने कहा कि महिलाओं के खिलाफ अपराध करने वालों को किसी भी तरह का राजनीतिक संरक्षण नहीं मिलना चाहिए और दोषियों को कानून के मुताबिक सजा मिलनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं को सम्मान, सुरक्षा, समानता और न्याय दिलाना लोकतांत्रिक समाज की बुनियादी जिम्मेदारी है। अंकिता भंडारी के परिवार की न्याय की मांग को गंभीरता से लिया जाना चाहिए।
तीन आरोपियों को हो चुकी है उम्रकैद
गौरतलब है कि अंकिता भंडारी हत्याकांड में अदालत तीन आरोपियों—पुलकित आर्य, सौरभ भास्कर और अंकित गुप्ता—को उम्रकैद की सजा सुना चुकी है। हालांकि, मामले में चर्चित ‘वीआईपी एंगल’ को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
इसी विवाद के बीच उत्तराखंड सरकार ने जनवरी 2026 में मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने की अनुमति दी थी। इसके बाद सीबीआई ने मामले की जांच अपने हाथ में ली।
अब राहुल गांधी की अंकिता के परिवार से मुलाकात के बाद ‘वीआईपी एंगल’ और परिवार की न्याय संबंधी मांग एक बार फिर राजनीतिक और सार्वजनिक चर्चा के केंद्र में आ गई है।.

