
दुनिया के सबसे चर्चित अरबपतियों में शामिल एलन मस्क ने भारत को लेकर ऐसा सवाल उठा दिया है, जिसने पूरी दुनिया में हलचल मचा दी है। मस्क ने ट्विट करके लिखा कि क्या भारत में अंबानी ही असली बॉस हैं? तो वहीं इसको लेकर नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी जिसने इस पूरे विवाद में अडानी का एंगल भी जोड़ दिया है। लेकिन आखिर मस्क इतने भड़के हुए क्यों हैं? क्या है Starlink से जुड़ा ये पूरा मामला, चलिए जानते है।
एलन मस्क की स्टारलिंक से जुड़ा है मामला
एलन मस्क, वो नाम जो, कुछ भी सोचता है, वो कर देता है। लेकिन भारत में मस्क का एक बड़ा सपना पिछले कई महीनों से अटका पड़ा है। और वो सपना है Starlink, एक ऐसी सैटेलाइट है जिसके जरिए सुपरफास्ट इंटरनेट लोगों तक पहुंचेगा जो उन दूर-दराज के इलाकों में रहते हैं जहां आज भी मोबाइल का नेटवर्क नहीं आता। लेकिन मस्क का यही प्रोजेक्ट काफी वक्त से भारत सरकार की फाइलों में अटका है। इसी देरी को लेकर मस्क ने सवाल उठाए।
मस्क ने एक्स पर लिखा पोस्ट
मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सवाल किया कि जब Starlink को दुनिया के 165 से ज्यादा देशों में लाइसेंस मिल चुका है, तो भारत में मंजूरी मिलने में इतनी देरी क्यों हो रही है? इसके बाद उन्होंने सीधे अंबानी का नाम लेते हुए पूछा कि क्या अंबानी ही भारत के असली बॉस हैं?
राहुल गांधी ने कसा तंज
मस्क का ये सीधा वार अंबानी पर था, जो भारत में रिलायंस जियो के जरिए टेलीकॉम सेक्टर के सबसे बड़े खिलाड़ी हैं। मस्क का इशारा साफ था कि शायद किसी दबाव या मोनोपॉली की वजह से उनकी कंपनी को भारत में एंट्री नहीं मिल रही है।
मस्क के इस ट्वीट पर अभी बहस शुरू ही हुई थी कि देश के नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की भी एंट्री इस मामले में हो गई।
राहुल गांधी ने मस्क के ट्वीट पर तंज करते हुए लिखा कि “Welcome to India, Elon. Wait till you discover the other guy.”
एलन मस्क ने कहा थैक्यू
राहुल गांधी ने अपने इस ट्वीट में किसी का नाम नहीं लिया। लेकिन इस टिप्पणी को कई मीडिया रिपोर्टों में अडानी की ओर इशारा बताया जा रहा है। हैरानी की बात तो ये रही कि मस्क ने राहुल गांधी के इस ट्वीट को इग्नोर नहीं किया। मस्क ने राहुल को रिप्लाई करते हुए शुक्रिया कहा और लिखा कि- “ये स्थिति वाकई चिंताजनक है।”
सरकार ने आरोपों को सिरे से किया खारिज
इस प्रतिक्रिया ने सोशल मीडिया पर चर्चा को और तेज कर दिया। फिलहाल, मस्क ने अपने आरोप लगाए हैं, सरकार ने उन्हें खारिज किया है। सरकार ने पक्षपात के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत में सैटेलाइट संचार सेवाओं के लिए नियमों के तहत प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
संचार मंत्रालय के मुताबिक, सैटेलाइट इंटरनेट सेवाओं से जुड़ी कंपनियों को सुरक्षा संबंधी शर्तें पूरी करनी होती हैं। Starlink समेत संबंधित कंपनियों की मंजूरी प्रक्रिया में सुरक्षा जांच और नियामकीय आवश्यकताएं अहम हिस्सा हैं। हालांकि इन ट्वीट्स को लेकर सोशल मीडिया में काफी अलग अलग तरह के रिऐक्शन देखने मिल रहे हैं




