उत्तराखण्ड

शंख विवाद पर महाराज के बचाव में उतरे भट्ट, बोले- वो धर्म के ज्ञाता हैं, अध्ययन के आधार पर ही कहा होगा

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बदरीनाथ धाम में देवभूमि सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान डीजे और संगीत को लेकर शुरू हुआ विवाद अब शंख तक पहुंच गया है। शंख को लेकर पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज की टिप्पणी पर उठे सवालों के बीच अब भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट उनके बचाव में उतर आए हैं।

शंख विवाद पर महाराज के बचाव में उतरे महेंद्र भट्ट
प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने कहा कि सतपाल महाराज धर्म के ज्ञाता हैं और उन्होंने जो भी कहा होगा, अपने अध्ययन के आधार पर ही कहा होगा। उन्होंने इस विषय को अध्यात्म से जुड़ा बताते हुए कहा कि किसी राजनीतिक व्यक्ति के लिए इस पर जवाब देना उचित नहीं है। यह अध्यात्म के लोगों का विषय है।

यानी महाराज के बयान पर उठ रहे सवालों के बीच प्रदेश अध्यक्ष ने उनके धार्मिक ज्ञान और अध्ययन पर भरोसा जताया है। हालांकि, शंख को लेकर छिड़ी बहस पर भट्ट ने खुद कोई अलग धार्मिक व्याख्या देने के बजाय इसे अध्यात्म से जुड़े लोगों पर छोड़ दिया है।

धाम में संगीत प्रतिबंधित नहीं: महाराज
सतपाल महाराज ने बद्रीनाथ में संगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर उठ रहे सवालों को खारिज करते हुए कहा कि वहां संगीत कोई नई बात नहीं है। महाराज ने बद्रीनाथ की भौगोलिक और धार्मिक परंपराओं का जिक्र करते हुए कहा कि नारायण पर्वत पर भगवान बद्री विशाल का मंदिर है, जबकि नर पर्वत की तरफ पार्किंग है और यात्री वहां से अलकनंदा पार करके मंदिर की ओर जाते हैं। इसके बाद उन्होंने बद्रीनाथ में शंख बजाने से लेकर मिलिट्री बैंड और दूसरे सांस्कृतिक कार्यक्रमों तक का उदाहरण देकर यह समझाने की कोशिश की कि धाम में संगीत को पूरी तरह प्रतिबंधित नहीं माना जा सकता।

सतपाल महाराज ने कहा कि यह कहना सही नहीं है कि बद्रीनाथ में शंख नहीं बजता। उनके मुताबिक मंदिर के अंदर पूजा के दौरान शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता, लेकिन बाहर शंख बजाया जाता है। महाराज ने भगवान कृष्ण के पाञ्चजन्य शंख और भगवान विष्णु के हाथ में विराजमान शंख का उदाहरण भी दिया। इसके साथ ही उन्होंने बद्रीनाथ में कपाट खुलने और बंद होने के समय आने वाले मिलिट्री के बैगपाइप बैंड का जिक्र किया। महाराज का कहना था कि यह बैंड भगवान के सामने सम्मान के साथ वादन करता है, इसलिए यह कहना कि बद्रीनाथ में संगीत की कोई जगह नहीं है, सही नहीं होगा।

जानवर की हड्डी से बनता है शंख: महाराज

मंत्री के इस बयान का सबसे ज्यादा विवादित हिस्सा शंख को लेकर सामने आया। सतपाल महाराज ने कहा कि बद्रीनाथ मंदिर के अंदर पूजा में शंख का इस्तेमाल नहीं किया जाता, क्योंकि वहां ऐसी मान्यता है कि शंख जानवर की हड्डी से बना होता है। हालांकि उन्होंने भगवान विष्णु और भगवान कृष्ण से जुड़े शंख का उदाहरण भी दिया।

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव