
ketan agrawal murder case: इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी की उनकी पत्नी सोनम द्वरा हत्या का मामला अभी लोग ठीक से भूल भी नहीं पाए है कि एक और ऐसा ही मामला सामने आ गया। महाराष्ट्र के पुणे जिले में सोनम वाली कहानी ही रिपीट हुई है। बस फर्क इतना है कि सोनम ने शादी के बाद पति की हत्या की थी। तो वहीं पूणे केस में मंगेतर ने अपने होने वाले पति को मौत के घाट उतार दिया।
ketan agrawal murder case
शुरुआत में सामने आया कि केतन अग्रवाल की ट्रेकिंग के दौरान फोटो खिंचवाते समय तेज हवा चली और वो 400 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। हालांकि पुलिस जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ी कहानी पूरी बदल गई। दर्दनाक हादसे की घटना हत्या की आशंका में बदल गई। इस मामले में खुलासा हुआ कि केतन की होने वाली पत्नी (Siya Goyal) ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
शादी के लिए बुक था 17 करोड़ का महल
केतन एक बड़े कारोबारी परिवार से था। जयपुर में बेहद भव्य तरीके से उनकी शादी होने वाली थी। शादी के लिए परिवार वालों ने दो विमान तक बुक किए थे। दोनों परिवार की तैयारियां अंतिम चरण में थीं। पहले ही उनकी सगाई हो चुकी थी। शादी के लिए परिवार ने राजस्थान के जयपुर में 17 करोड़ में एक महल बुक किया था।
बाली की ट्रिप भी आखिरी मिनट में हुई केंसिल
शादी से पहले केतन और सिया प्री-वेडिंग फोटोशूट के लिए बाली जाने वाले थे। हालांकि ट्रिप आखिरी मिनट में कैंसल हो गई।केतन का पासपोर्ट अचानक गायब हो गया। इसके बाद 18 जून को केतन अपनी मंगेतर सिया गोयल के साथ लोहगढ़ किले में ट्रेकिंग करने गया। यहीं पर सिया ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर केतन को खाई में धकेला।
सिया ने प्रेमी संग मिलकर की हत्या
पुणे ग्रामीण पुलिस SP संदीप सिंह गिल ने बताया कि जांच में पता चला कि सिया और उसके प्रेमी चेतन चौधरी ने केतन को धक्का देकर मौत के घाट उतारा। जिसके बाद इस घटना को हादसा दिखाने की कोशिश की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
केतन अग्रवाल को मारने की 3 कोशिशें फेल
पुलिस ने बताया कि इससे पहले भी सिया केतन को मारने की कोशिश कर चुकी थी। पहले 31 मई को केतन को वो लोहागढ़ किले में लेकर गई। टीओआई की रिपोर्ट के अनुसार जांचकर्ताओं ने बताया कि सिया ने कथित तौर पर केतन को चट्टान के किनारे धक्का दे दिया था। लेकिन केतन ने पास की एक झाड़ी पकड़ ली थी। जिससे वो गिरने से बच गया। अपना क्राइम छिपाने के लिए उसने सांप का बहाना बनाया।
बाद में 14 जून को भी रिया उसे किले में लेकर गई। लेकिन उस दिन काफी भीड़ थी जिसके चलते वो सफल नहीं हो पाई। इस दौरान केतन को अपनी मंगेतर पर शक नहीं हुआ।
एक बार तो मां ने बचाया
तो वहीं 31 मई के बाद चार जून को भई सिया का केतन को किले में ले जाने का प्लान था। लेकिन इस बार मां ने मना कर दिया। उन्होंने उस दिन केतन को जाने से रोक दिया था। जिससे सिया का केतन को मारने का प्लान टल गया


