
Lumpy Skin Disease: उत्तराखंड में पशुओं में फैलने वाले लंपी त्वचा रोग ने पशुपालन विभाग की चिंता बढ़ा दी है। प्रदेश के सात जिलों में अब तक 600 से ज्यादा संदिग्ध मामले सामने आए हैं। जांच के लिए भेजे गए नमूनों में संक्रमण की पुष्टि भी हुई है। नैनीताल में एक बछड़े की मौत के बाद विभाग ने निगरानी और रोकथाम के उपाय तेज कर दिए हैं।
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उत्तराखंड में लंपी त्वचा रोग की दस्तक Lumpy Skin Disease
दरअसल उत्तराखंड में लंपी त्वचा रोग की दस्तक के बाद पशुपालन विभाग अलर्ट मोड पर है। देहरादून, नैनीताल, पौड़ी, ऊधमसिंह नगर, हरिद्वार, रुद्रप्रयाग और टिहरी में अब तक 635 संदिग्ध मामले सामने आने की जानकारी सामने आई थी। इनमें से 269 नमूने जांच के लिए बरेली भेजे गए थे। प्राप्त 55 रिपोर्टों में 21 नमूनों में संक्रमण की पुष्टि हुई थी।
नैनीताल में एक बछड़े की मौत
नैनीताल में बीमारी से एक बछड़े की मौत भी दर्ज की गई। लंपी रोग मुख्य रूप से गाय और भैंसों को प्रभावित करने वाला वायरल रोग है। इसमें बुखार और त्वचा पर गांठें बनने जैसे लक्षण दिखाई देते हैं। केंद्र सरकार के अनुसार बीमारी का प्रसार मुख्य रूप से कीटों और अन्य वाहकों के जरिए होता है। सामान्य तौर पर इसकी मृत्यु दर कम रहती है।
उत्तराखंड में बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान
जुलाई 2026 से उत्तराखंड समेत कई राज्यों में छिटपुट मामले सामने आए हैं। रोग के प्रसार को रोकने के लिए प्रभावित क्षेत्रों में पशुओं की आवाजाही पर नियंत्रण, संक्रमित पशुओं को अलग रखने, साफ-सफाई और कीट नियंत्रण के साथ टीकाकरण पर जोर दिया जा रहा है। उत्तराखंड में भी बड़े पैमाने पर टीकाकरण अभियान चलाया गया है। हालिया विभागीय जानकारी के मुताबिक 2 लाख 10 हजार से अधिक पशुओं का टीकाकरण कराया जा चुका है


