उत्तराखण्ड

MBPG छात्रसंघ चुनाव_ ABVP vs NSUI vs बागी, क्या फिर जीतेगा निर्दलीय

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हल्द्वानी। एमबीपीजी कॉलेज में छात्रसंघ चुनाव का रंग अब पूरी तरह चढ़ने लगा है।कुमाऊं के सबसे बड़े महाविद्यालय पर किसकी पताका लहराएगी, यह तो 29 सितंबर को ही पता चलेगा।लेकिन MBPG में चुनावी माहौल अब गरम हो गया है। अध्यक्ष पद को लेकर छात्र नेताओं के बीच जोर आजमाइश तेज हो गई है। NSUI के मेहुल शाह, ABVP के अधिकृत प्रत्याशी धीरज बिष्ट और निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल मैदान में है।यहां बताते चलें कुमाऊं के महाविद्यालय एमबीपीजी के वर्चस्व की जंग एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच होती आई है। दोनों ही संगठन के लिए ये साख की बात भी है। लेकिन इस बार दोनों ही संगठन के लिए समीकरण कुछ अलग दिखाई दे रहे हैं। वजह है निर्दलीय प्रत्याशी आर्यन बेलवाल मैदान में है जो करीब 4 साल से ABVP के लिए मेहनत कर रहे थे। लेकिन ऐन टाइम पर टिकट कट गया।ABVP से टिकट नहीं मिलने के बाद निर्दलीय चुनाव मैदान में उतरे आर्यन बेलवाल ने एमबीपीजी कॉलेज परिसर से बड़ी रैली निकाली छात्रों और समर्थकों के साथ शक्ति प्रदर्शन किया। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं का बड़ा हुजूम उनके समर्थन में नजर आया वही आर्यन नंगे पांव दिखे। समर्थकों ने बताया ये, यह उनके संकल्प का हिस्सा है।रैली के दौरान लगातार नंगे पांव चलने से पैरों में छाले पड़ गए तो साथी छात्रों ने उन्हें अपने कंधों पर उठा लिया।आर्यन बेलवाल ने खुद को “बागी, लेकिन दागी नहीं”बताते हुए कहा कि वह छात्र हितों के लिए मैदान में हैं और पूरी छात्र शक्ति उनके साथ है। आर्यन ने दावा किया कि 29 सितंबर को चुनाव परिणाम में उनकी जीत तय है।आर्यन के निर्दलीय मैदान में उतरने के बाद कॉलेज की छात्र राजनीति में ABVP के भीतर टिकट को लेकर सामने आया असंतोष बड़ा मुद्दा बन गया है।बगावत कर आर्यन के निर्दलीय चुनावी मैदान में उतरने से संगठन को डैमेज होता है या नहीं होता है यह तो चुनाव परिणाम बताएंगे,, आर्यन के समर्थन में संगठन से जुड़े कई पदाधिकारियों ने पहले ही इस्तीफा दे दिया है।वहीं, घर वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर आर्यन ने कहा उनका ऐसा कोई इरादा नहीं है

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव