
हल्द्वानी में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद रैली स्थल के कथित शुद्धिकरण को लेकर उत्तराखंड में सियासी विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर अब कांग्रेस के अनुसूचित विभाग ने पुलिस मुख्यालय का घेराव किया।
शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस का पुलिस मुख्यालय घेराव
उत्तराखंड कांग्रेस अनुसूचित विभाग के प्रदेश अध्यक्ष मदन लाल के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ता पुलिस मुख्यालय पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने मामले में कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ नाराजगी जताई। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में किसी राजनीतिक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष की सभा के बाद कार्यक्रम स्थल का कथित तौर पर शुद्धिकरण किया जाना बेहद गंभीर विषय है।
खरगे की रैली के बाद किया था मंच का शुद्धिकरण: कांग्रेस
कांग्रेस का आरोप है कि हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा के बाद कुछ लोगों द्वारा हवन और गंगाजल से कथित शुद्धिकरण किया गया। घटना के सामने आने के बाद कांग्रेस ने इसे दलित समाज के अपमान और छुआछूत की मानसिकता से जोड़ते हुए विरोध जताया था।
कांग्रेस ने दी उग्र आंदोलन की चेतावनी
कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, मामले में जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पहले भी उठाई गई थी, लेकिन अभी तक पुलिस की ओर से अपेक्षित कार्रवाई नहीं की गई। इसी को लेकर अनुसूचित विभाग ने पुलिस मुख्यालय का घेराव कर अपना विरोध दर्ज कराया। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मामले में जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो पार्टी इस मुद्दे को लेकर आंदोलन को और तेज करेगी।
क्या है पूरा शुद्धिकरण विवाद?
दरअसल, 8 अगस्त को हल्द्वानी के रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की जनसभा आयोजित हुई थी। कांग्रेस का आरोप है कि खरगे के कार्यक्रम के बाद रैली स्थल पर हवन कर कथित तौर पर शुद्धिकरण किया गया। घटना के बाद कांग्रेस ने इसे जातिगत भेदभाव और छुआछूत से जोड़ते हुए भाजपा पर हमला बोला।

