उत्तराखण्ड

11 वर्षीय मासूम शौच के लिए खेत गई, 100 रुपये का नोट उठाकर आरोपी ने रेप किया

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चंडी में नाबालिग की चीखें खेतों में दब गईं, सौ रुपये के लालच में फंसी 11 साल की मासूम, दरिंदे ने रेप कर दिया, चंडी पुलिस ने तुरंत दबोचा

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चंडी)। एक बार फिर बिहार के गांवों में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा पर सवालिया निशान लग गया है। चंडी थाना क्षेत्र के एक गांव में एक ऐसी घटना हुई, जिसे पढ़कर रोंगटे खड़े हो जाते हैं। 11 वर्षीय एक मासूम छात्रा जो बस अपनी सहेलियों के साथ शौच के लिए गांव के बाहर खेत में गई थी, वहीं पर गांव के ही शैलेन्द्र ठाकुर नामक शख्स ने उसे अपनी हवस का शिकार बना लिया।

घटना का पूरा ब्योरा बेहद चौंकाने वाला है। स्कूल से लौटकर घर में खाना खाने के बाद बच्ची अपनी तीन सहेलियों के साथ गांव से करीब 500 मीटर दूर खंधा की ओर गई। जैसे ही वे टॉयलेट के लिए खेत में पहुंचीं, अचानक शैलेन्द्र ठाकुर वहां पहुंच गया। लड़कियां उसे देखते ही डरकर भागने लगीं। इसी भाग-दौड़ में पीड़िता के पास रखा 100 रुपये का नोट जमीन पर गिर गया। आरोपी ने तुरंत नोट उठा लिया और बच्ची को “रुक जा, तेरा पैसा है” कहकर पास बुलाया। जैसे ही मासूम नोट लेने आगे बढ़ी, शैलेन्द्र ने उसे जबरदस्ती पकड़ लिया और पास के सूनसान खेत में ले जाकर दुष्कर्म कर दिया।

घटना के तुरंत बाद बदहवास सहेलियां गांव पहुंचकर परिजनों को पूरी बात बताती हैं। आगबबूला हो चुके ग्रामीणों ने तुरंत खंधा पहुंचकर शैलेन्द्र को घेर लिया और उसकी जमकर पिटाई की। आरोपी किसी तरह उनके चंगुल से बचकर भाग निकला, लेकिन सूचना मिलते ही चंडी थानाध्यक्ष सुमन कुमार अपने साथियों के साथ मौके पर पहुंचे।

थानाध्यक्ष ने तुरंत छापेमारी कर शैलेन्द्र ठाकुर को धर दबोचा। आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया है और मामले में POCSO एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब मामले की गहन छानबीन कर रही है।

घटना की जानकारी मिलते ही पूरे गांव में रोष की लहर दौड़ गई। कई महिलाओं ने कहा, “दिन-दहाड़े गांव के बाहर बच्चियां अकेली नहीं जा सकतीं। क्या हमारी बेटियां अब शौच करने भी सुरक्षित नहीं हैं?” ग्रामीणों ने पुलिस से मांग की है कि आरोपी को कड़ी से कड़ी सजा मिले, ताकि भविष्य में कोई ऐसी घटना दोहराने की हिम्मत न कर सके।

चंडी थाना पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जांच पूरी होने तक कोई भी कोताही नहीं बरती जाएगी।

यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि बिहार के ग्रामीण इलाकों में नाबालिग लड़कियों की सुरक्षा अभी भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। POCSO एक्ट के बावजूद ऐसे अपराध लगातार हो रहे हैं, जिससे समाज में गुस्सा और चिंता दोनों बढ़ रही है।

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव