एक तरफ जहां केंद्रीय कर्मचारी आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों के लागू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने राज्य के कर्मचारियों के लिए एक बहुत बड़ा ऐलान कर दिया है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार का प्रमुख लक्ष्य मौजूदा वित्तीय वर्ष में ही सातवें वेतन आयोग को पूरी तरह लागू करना है। इसका सीधा मतलब यह है कि मार्च 2027 तक पश्चिम बंगाल में सातवां वेतन आयोग आधिकारिक रूप से प्रभावी हो जाएगा।
चुनाव में बना था बड़ा मुद्दा, सत्ता में आते ही लिया फैसला
आपको बता दें कि बंगाल विधानसभा चुनावों के दौरान राज्य सरकार के कर्मचारियों का वेतन आयोग और महंगाई भत्ता (DA) एक बेहद अहम मुद्दा बना हुआ था। चुनाव प्रचार के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह ने भी अपनी रैलियों में सातवें वेतन आयोग को लागू करने का वादा किया था। इसके बाद मई में जब भारतीय जनता पार्टी सत्ता में आई, तो राज्य सरकार की कैबिनेट ने तुरंत कदम उठाते हुए सातवें राज्य वेतन आयोग के गठन को अपनी मंजूरी दे दी थी।
मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि सातवें वेतन आयोग के लिए सभी आवश्यक नियम और शर्तें (Terms and Conditions) पहले ही तैयार कर ली गई हैं। जैसे ही इन्हें अंतिम रूप दे दिया जाएगा, आयोग का औपचारिक गठन कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार मौजूदा वित्तीय वर्ष के भीतर ही सातवें वेतन आयोग को लागू करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी साफ किया कि सरकार अचानक कोई बदलाव करने के बजाय केंद्र सरकार के साथ महंगाई भत्ते (DA) के अंतर को धीरे-धीरे कम करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
महंगाई भत्ते (DA) का अंतर कम करने पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कर्मचारियों को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य मकसद केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता लाना है। इसके साथ ही कर्मचारियों के बकाया राशि (Arrears) का भुगतान भी चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा।
सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि सरकार धीरे-धीरे केंद्र और राज्य के बीच DA के अंतर को समाप्त करेगी। उन्होंने सोशल मीडिया पर चल रही अफवाहों पर विराम लगाते हुए कहा कि कुछ लोगों को उम्मीद थी कि सरकार एक ही बार में 42 प्रतिशत डीए की घोषणा कर देगी, या 10 प्रतिशत बढ़ोतरी का ऐलान होगा। लेकिन सरकार ने बिना किसी जल्दबाजी के बहुत सावधानीपूर्वक वित्तीय गणना की है और इसी आधार पर धीरे-धीरे इस अंतर को घटाया जाएगा।
बकाया DA को लेकर कर्मचारियों को दिया भरोसा
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार के कर्मचारियों को आश्वस्त करते हुए भरोसा दिलाया कि उनका रुका हुआ महंगाई भत्ता सही समय पर दे दिया जाएगा। राज्य सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, हालिया बजट में की गई बढ़ोतरी के बाद कर्मचारियों को वर्तमान में 38 प्रतिशत की दर से महंगाई भत्ता मिल रहा है।
उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में सरकारी कर्मचारियों के विभिन्न संगठन पिछले कई सालों से नए वेतन आयोग के गठन और पेंडिंग DA के भुगतान की मांग को लेकर आवाज उठा रहे थे। बीजेपी सरकार ने सत्ता में आने के बाद अपने पहले ही बजट में DA में 20 प्रतिशत की बढ़ोतरी का ऐतिहासिक फैसला लिया था, जिससे राज्य के कर्मचारियों का कुल महंगाई भत्ता बढ़कर 38 प्रतिशत हो गया था।
