उत्तराखण्ड

गाजियाबाद में जासूसी गैंग का भंडाफोड़, संवेदनशील जगहों की भेजते थे फोटो-वीडियो, 6 गिरफ्तार

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Ghaziabad Police: गाजियाबाद के कौशांबी क्षेत्र में पुलिस ने एक ऐसे ग्रुप का भंडाफोड़ किया है, जो सुरक्षा बलों के ठिकानों और रेलवे स्टेशनों के फोटो और वीडियो बनाकर लोगों को भेजने का काम करता था। पुलिस ने फिलहाल 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

Espionage Gang Busted in Ghaziabad 6 Accused Arrested

गाजियाबाद में जासूसी गैंग का भंडाफोड़ 6 आरोपी गिरफ्ता

Ghaziabad Police: गाजियाबाद के कौशांबी से एक हैरान कर देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां एक ऐसे ग्रुप का खुलासा हुआ है, जो संवेदनशील जगहों के फोटो और वीडियो बनाकर विदेशों में बैठे लोगों को भेजने का काम करता था। पुलिस ने इस गैंग की एक महिला के साथ 6 लोगों को गिरफ्तार किया है। इन सब के पास से 8 मोबाइल फोनों को बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि यह लोग नव युवकों को पैसों का लालच देकर ऐसे काम करने के लिए जोड़ने का काम करते थे।

पुलिस मुताबिक, पुलिस को 14 मार्च को सूचना मिली कि भोवापुर में रहने वाले कुछ लोग संदिग्ध गतिविधियों में शामिल हैं। पुलिस को मिली सूचना में बताया गया था कि यह लोग सुरक्षा बलों के ठिकानों और रेलवे स्टेशनों के फोटो और वीडियो बनाकर कुछ लोगों को भेजने का काम करते हैं। इसके बाद पुलिस ने रेड मारी और भोवापुर के टी-प्वाइंट से 5 लोगों को गिरफ्तार किया।

पुलिस ने पूछताछ के बाद एक अन्य महिला को आनंद विहार बॉडर के पास से गिरफ्तार किया। एडिशनल सीपी कानून व्यवस्था एवं यातायात राजकरन नैय्यर के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान मेरठ निवासी सुहेल, साने इरम निवासी संभल, प्रवीण निवासी भोवापुर, राज वाल्मीकि  निवासी औरैया, शिवा वाल्मीकि निवासी बदायूं और रितिक गंगवार निवासी शाहजहांपुर के रूप में हुई है। इन सभी आरोपियों के खिलाफ पुलिस ने संबंधित धाराओं में केस दर्ज कर लिया है।

एडिशनल सीपी ने बताया कि मुख्य आरोपी सुहेल मलिक है। वहीं अन्य सभी 5 आरोपी फोटो और वीडियो सुहेल को भेजने का काम करते थे। जांच करने पर सुहेल के फोन से सुरक्षा बलों से जुड़े स्थानों और रेलवे स्टेशनों के फोटो और वीडियो मिले हैं। साथ ही मुख्य आरोपी के फोन से आपत्तिजनक सामग्री और लोकेशन से जुड़ी जानकारी भी मिली है। बांकी अन्य सभी आरोपियों के फोन से विदेशी नंबरों से हुई चैट के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस प्रशासन के लोग इन चैटों के डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर रहे हैं।

पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि वह लोग फोन पर चैट के माध्यम से संवेदनशील क्षेत्रों के फोटो और वीडियो बनाकर भेजने का काम करते थे। इसके बदले उन्हें अधिक पैसे देने का लालच दिया जाता था। यह लोग इसी तरह का प्रलोभन देकर अन्य लोगों को जोड़ने का काम करते थे। इसी तरह से आरोपी अपना लगातार गिरोह बढ़ा रहे थे। इस बात की भनक आसपास रहने वाले लोगों को लगी और उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दे दी। गाजियाबाद पुलिस का कहना है कि आरोपियों द्वारा किए गए कार्य देश की सुरक्षा और सामाजिक सद्भाव को खतरा पैदा कर सकतें थे।

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव