उत्तराखण्ड

आखिर क्यों रो पड़े दलेर मेहंदी ?

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कई साल पहले की बात है। मोबाइल फोन तो आ गए थे, लेकिन उनमें फ्रंट कैमरे नहीं हुआ करते थे। दिल्ली यूनिवर्सिटी में एक कार्यक्रम आयोजित हुआ था, जिसमें मीका सिंह परफॉर्म कर रहे थे। उस समय मीका की लोकप्रियता जबरदस्त थी। उनका गाना बजते ही महफिल में अलग ही माहौल बन जाता था।

लेकिन सेलिब्रिटी चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, कॉलेज कैंपस में छात्रों के सामने उसकी लोकप्रियता हमेशा काम आए, यह जरूरी नहीं। दिल्ली यूनिवर्सिटी के उस कार्यक्रम में कुछ छात्रों ने मीका से एक खास गाना गाने की जिद पकड़ ली। बार-बार वही फरमाइश होने लगी। बात बढ़ी, मीका ने गुस्से में कुछ कह दिया और छात्रों ने स्टेज पर ही उनकी टांग खींच ली। इसके बाद माहौल ऐसा बना कि मीका को बीच कार्यक्रम से जाना पड़ा। छात्रों के बीच यह बात भी फैलाई गई कि उन्होंने किसी छात्रा के साथ बदसलूकी की थी।

अब कुछ ऐसा ही मामला दलेर मेहंदी को लेकर चर्चा में है।

उत्तराखंड के एक विधायक ने बीच कार्यक्रम में दलेर मेहंदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वह ठीक से गा नहीं पा रहे हैं, उनसे बोला नहीं जा रहा, खड़े होने में भी परेशानी हो रही है। उनकी टीम पर भी नाराजगी जताई और यहां तक कह दिया कि शराब पीकर आए हैं।

इस घटना की एक क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है और दलेर मेहंदी को जमकर ट्रोल किया जा रहा है। जिस कलाकार ने अपनी आवाज और संगीत से दशकों तक लोगों का मनोरंजन किया, उसकी वर्षों की विरासत पर कुछ मिनटों की एक वायरल क्लिप के आधार पर सवाल उठाए जा रहे हैं।

आज सोशल मीडिया का एक अजीब दौर है। कोई व्यक्ति जितना बड़ा और मशहूर होता है, वह उतनी ही आसानी से ऑनलाइन ट्रोलिंग का निशाना बन जाता है। हम बिना पूरी बात जाने फैसला सुना देते हैं। न यह जानने की कोशिश करते हैं कि असल में हुआ क्या था, न दूसरे पक्ष की बात सुनने का धैर्य रखते हैं।

इसी बीच मीका सिंह ने भी दलेर पाजी के समर्थन में वीडियो जारी किया। उन्होंने कहा कि दलेर मेहंदी शराब नहीं पीते और किसी ने उन्हें शराब पीते देखा हो तो सामने आए। मीका ने तो यहां तक कह दिया कि अगर किसी ने उन्हें शराब पीते देखा है, तो वह आज से गाना छोड़ देंगे।

दलेर मेहंदी की सेहत को लेकर भी बातें सामने आई हैं कि उनका एक बड़ा ऑपरेशन हुआ था और उसके बाद से वह काफी कमजोर हो गए थे। बताया जा रहा है कि उन्हें बुखार भी था, लेकिन कार्यक्रम के लिए पहले ही हामी भर चुके थे, इसलिए उन्होंने उसे रद्द नहीं किया।

अगर ये बातें सही हैं, तो ऐसे में उनकी स्थिति को समझना भी जरूरी है। हालांकि, पूरी सच्चाई जाने बिना किसी भी पक्ष के बारे में अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।

मेरी नजर में विधायक साहब को अगर दलेर मेहंदी की परफॉर्मेंस से शिकायत थी, तो उन्हें सार्वजनिक मंच पर हंगामा करने के बजाय बैकस्टेज जाकर अपनी बात रखनी चाहिए थी। आखिर कार्यक्रम में कोई कलाकार उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पा रहा है, तो आयोजक को अपनी नाराजगी जताने का पूरा अधिकार है, लेकिन तरीका भी मायने रखता है।

आपने कलाकार को बुलाया, उसकी परफॉर्मेंस आपकी अपेक्षाओं के मुताबिक नहीं रही, तो उससे अलग से बात कीजिए। भविष्य में उसे आमंत्रित न करने का फैसला भी आपका है। लेकिन हजारों लोगों के सामने इस तरह अपमानित करने की क्या जरूरत है?

और हम भी कमाल के लोग हैं! मीका सिंह कह रहे हैं कि किसी ने दलेर मेहंदी को शराब पीते देखा हो तो बताओ, मैं गाना छोड़ दूंगा। इस पर कुछ लोग मजाक उड़ाते हुए लिख रहे हैं कि जिसने उन्हें शराब पीते देखा होगा, वह खुद भी साथ बैठकर पी रहा होगा।

आखिर हम किस दिशा में जा रहे हैं? किसी की परेशानी, बीमारी या खराब परिस्थिति भी हमारे लिए मजाक का विषय बनती जा रही है। बिना सच्चाई जाने किसी को बदनाम करना और फिर उस पर हंसना क्या वाकई इतनी बड़ी उपलब्धि है?

असहमति रखिए, सवाल पूछिए, आलोचना भी कीजिए, लेकिन किसी की इज्जत और वर्षों की मेहनत को कुछ सेकंड की वायरल क्लिप के आधार पर खत्म मत कीजिए।

नफरत और ट्रोलिंग के इस दौर में थोड़ा संवेदनशील होना भी जरूरी है।

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