
मंगलवार, 15 सितंबर की सुबह भूस्खलन के कारण केदारनाथ पैदल मार्ग पूरी तरह बंद है। सुरक्षा के लिहाज से श्रद्धालुओं को सोनप्रयाग और गौरीकुंड में ही रोक दिया गया है। वहीं, धाम से लौट रहे यात्रियों को जंगलचट्टी पर रोका गया है, ताकि मलबा हटाया जा सके। पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि तेज बारिश या ऊपर से पत्थर गिरने के दौरान यात्रा आगे न बढ़ाएं। प्रशासन की ओर से रास्ता साफ करने का काम तेजी से जारी है और पल-पल का अपडेट दिया जा रहा है।
सोमवार सुबह जब थोड़ी देर के लिए मौसम साफ हुआ था, तब राहत टीमों ने काम तेजी से आगे बढ़ाया था। इस दौरान प्रभावित इलाके से 6,500 से ज्यादा तीर्थयात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। प्रशासन का कहना है कि पैदल मार्ग को चरणबद्ध तरीके से ही खोला जाएगा और इसके लिए मौके के हालात देखे जाएंगे। यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे सोनप्रयाग चेक-पोस्ट पर अनुमति मिलने का इंतजार करें। चिरबासा के पास शॉर्टकट या वैकल्पिक रास्ते चुनने से बचें, क्योंकि बीच-बीच में भूस्खलन होने से बड़ा खतरा हो सकता है।
केदारनाथ हेलीकॉप्टर सेवा कब शुरू होगी और रिफंड का क्या है नियम?
सिरसी, फाटा और गुप्तकाशी से दूसरे चरण की हेलीकॉप्टर सेवा आज से शुरू होनी थी। हालांकि, हेली ऑपरेटरों और युकाडा (UCADA) का कहना है कि उड़ानें पूरी तरह से मौसम और जिला प्रशासन की मंजूरी पर निर्भर करेंगी। मौसम ठीक न होने तक उड़ानों में देरी या कैंसिलेशन हो सकता है। ध्यान रखें कि टिकट सिर्फ IRCTC के आधिकारिक ‘हेलीयात्रा’ (HeliYatra) पोर्टल से ही बुक करें। अगर खराब मौसम की वजह से उड़ान रद्द होती है, तो नियमानुसार पूरा रिफंड दिया जाएगा।
रुद्रप्रयाग में आज कैसा रहेगा मौसम? IMD का अलर्ट
मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, मंगलवार को रुद्रप्रयाग जिले में आंशिक रूप से बादल छाए रहेंगे। एक या दो दौर की गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। विभाग ने बिजली चमकने और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है। हालांकि, बारिश के बीच में कभी-भी कुछ देर के लिए मौसम साफ हो सकता है, लेकिन इसका सही समय तय नहीं है। ऐसे में श्रद्धालुओं को सड़क मार्ग और हेलीपैड पर होने वाली देरी को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त समय लेकर चलना चाहिए।
सोनप्रयाग में रुके हैं? ठहरने, पार्किंग और एनएच-107 के विकल्प
अगर आप सोनप्रयाग में फंसे हैं, तो रुकने और खाने-पीने के लिए सीतापुर और गुप्तकाशी बेहतर विकल्प हैं। सोनप्रयाग और गुप्तकाशी में बीकेटीसी (BKTC) के गेस्ट हाउस उपलब्ध हैं, जबकि सीतापुर में प्राइवेट होटल मिल जाएंगे। गाड़ियों के लिए सीतापुर और सोनप्रयाग में पार्किंग की व्यवस्था की गई है। यह रास्ता NH-107 (पुराना NH-109) से होकर जाता है। संवेदनशील इलाकों में बीच-बीच में रास्ता बंद हो सकता है, इसलिए पुलिस के निर्देशों का पालन करें और मलबा साफ होने तक इंतजार करें।
दर्शन का समय और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी जरूरी जानकारी
पैदल मार्ग खुलने पर भी दर्शन का प्लान मंदिर के तय समय और रजिस्ट्रेशन जांच को ध्यान में रखकर ही बनाएं। केदारनाथ में शाम की आरती आमतौर पर शाम 6 बजे से 7:30 बजे के बीच होती है। सुबह तड़के होने वाले रुद्राभिषेक के लिए स्लॉट सीमित होते हैं और इनकी बुकिंग पहले ही हो जाती है। यात्रा के लिए ‘टूरिस्ट केयर उत्तराखंड’ पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य है। फाटा, सोनप्रयाग और केदारनाथ धाम के ऊपर बायोमेट्रिक और मेडिकल जांच की सुविधा मौजूद है।
