उत्तराखण्ड

देहरादून में मना ‘ब्लैक हरेला’, विकास के नाम पर हजारों पेड़ों की कटाई, वन मंत्री ने दिया जवाब

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देहरादून में हरेला पर्व से एक दिन पहले यानी 15 जुलाई को ‘ब्लैक हरेला’ के रूप में एक पर्यावरण विरोध प्रदर्शन किया गया। बता दें कि ऋषिकेश-देहरादून के भानियावाला मार्ग के चौड़ीकरण के लिए हजारों पेड़ों की कटाई के विरोध में पर्यावरण प्रेमियों और युवाओं ने हरेला पर्व के अवसर पर ये अभियान चलाया।

देहरादून में मना ‘ब्लैक हरेला

इस दौरान मौजूद सामाजिक कार्यकर्ता अनूप नौटियाल ने एक वक्तव्य जारी कर उत्तराखंड में अतीत और वर्तमान में हो रहे व्यापक वन भूमि डायवर्जन पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना के लिए हजारों पेड़ों की कटाई की जा रही है। 

ऋषिकेश-भानियावाला फोरलेन परियोजना के लिए हजारों पेड़ काटे जा रहे

जो आज उस विकास मॉडल का प्रतीक बन गई है, जो उत्तराखंड के जंगलों और संवेदनशील हिमालयी पारिस्थितिकी तंत्र पर लगातार बढ़ता हुआ दबाव डाल रहा है।

जिसके चलते उन्होंने भारत सरकार और राज्य सरकार से ऐसी परियोजनाओं की समीक्षा करने और उन्हें निरस्त करने का आग्रह किया। वहीं इस पूरे मामले पर वन मंत्री सुबोध उनियाल का बयान सामने आया है।

वन मंत्री ने दिया जवाब सुबोध उनियाल

वन मंत्री ने विरोध करने वालों को छपास की बीमारी बताते हुए कहा कि हमारी सरकार शुरुआत से ही इकोलॉजी और इकोनॉमी में बैलेंस बनाकर चल रही है। उन्होंने कहा कि विकास के रास्ते पर अगर आगे बढ़ाना है तो कनेक्टिविटी को भी बढ़िया करना होगा।

साथ ही उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को समझना चाहिए कि विकास और सुविधाओं को बेहतर करने के लिए अगर वन विभाग की जमीन को स्थानांतरण किया जाता है तो उस दौरान अगर पेड़ो को काटा जाता है, तो उससे ज्यादा पेड़ लगाने का भी प्रावधान है।

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव