उत्तराखण्ड

हल्द्वानी-लालकुआं में बाढ़ आपदा की मॉक ड्रिल, गोला नदी में अचानक पानी बढ़ने की सूचना पर दौड़ा प्रशासन

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मानसून के बीच आपदा से निपटने की तैयारियों का लिया गया जायजा, एनडीआरएफ समेत कई विभागों ने किया संयुक्त रेस्क्यू अभ्यास

 

उत्तराखंड में मानसून की दस्तक के साथ ही प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। गुरुवार को हल्द्वानी और लालकुआं क्षेत्र में गोला नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और बाढ़ जैसे हालात बनने की सूचना से प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया। हालांकि यह कोई वास्तविक घटना नहीं थी, बल्कि मानसून सीजन के दौरान आपदा प्रबंधन की तैयारियों को परखने के लिए आयोजित एक वृहद मॉक ड्रिल थी।

मॉक ड्रिल के दौरान आपातकालीन सेवा 112 के माध्यम से कंट्रोल रूम को सूचना दी गई कि गोला नदी का जलस्तर अचानक बढ़ गया है और तटीय क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। सूचना मिलते ही एसडीएम रेखा कोहली के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम सक्रिय हो गई और हल्द्वानी तथा लालकुआं में तत्काल रेस्क्यू अभियान शुरू कर दिया गया।

इस अभ्यास में जिला प्रशासन के साथ एनडीआरएफ, फायर ब्रिगेड, पुलिस, विद्युत विभाग, जल संस्थान और खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से हिस्सा लिया। मॉक ड्रिल के दौरान बिजली आपूर्ति बंद करने, सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने, राहत सामग्री और भोजन के पैकेट पहुंचाने जैसी व्यवस्थाओं का भी परीक्षण किया गया।

एसडीएम रेखा कोहली ने बताया कि मॉक ड्रिल के तहत यह परिकल्पना की गई थी कि कुछ लोग नदी के तेज बहाव में बह गए हैं और कई घरों में पानी घुस गया है। इसके बाद सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाकर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। साथ ही आपदा से हुए संभावित जान-माल के नुकसान का आकलन करने की प्रक्रिया का भी अभ्यास किया गया।

प्रशासन के अनुसार इस मॉक ड्रिल का मुख्य उद्देश्य किसी भी प्राकृतिक आपदा की स्थिति में कम से कम समय में राहत एवं बचाव कार्य शुरू करना, सभी संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना और मानसून के दौरान संभावित आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने की तैयारियों को मजबूत करना है

News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव