उत्तराखण्ड

महिला आरक्षण बिल लोकतांत्रिक ढांचे पर प्रहार मीमांशा आर्य

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भारतीय युवा कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव मीमांशा आर्य ने 2023 के महिला आरक्षण बिल को लेकर केंद्र सरकार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यह बिल देश की लोकतांत्रिक संरचना पर सीधा प्रहार है।मीमांशा आर्य ने आरोप लगाया कि यदि सरकार वास्तव में महिलाओं के हित में काम कर रही होती, तो हाथरस, उन्नाव और मणिपुर जैसे मामलों में ठोस कार्रवाई करती। उन्होंने कहा कि इन घटनाओं ने महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं।उन्होंने आगे कहा कि अगर सरकार महिलाओं को सशक्त बनाना चाहती, तो संसद और विधानसभाओं में उनके नेताओं पर महिला अपराध के आरोप नहीं होते।हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि 2023 के महिला आरक्षण बिल को पूरा विपक्ष समर्थन दे रहा है। उनका कहना है कि इस बिल में हर वर्ग और समाज की महिलाओं को समान हिस्सेदारी मिलनी चाहिए, ताकि वास्तविक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके।मीमांशा आर्य ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी की दूरदर्शी सोच के तहत पंचायत चुनावों में महिलाओं को जो प्रतिनिधित्व मिला, उसी तर्ज पर इस बिल को लागू किया जाना चाहिए।

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