उत्तराखण्ड

टीचर ने उतरवाए बच्चियों के कपड़े!, स्कूल में 125 छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार

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महाराष्ट्र के ठाणे जिले से एक शर्मनाक घटना सामने आ रही है जिसने सभी को हैरान कर दिया। यहां शिक्षा का मंदिर ही गंदा हो गया। जिस स्कूल में मां-बाप अपनीबच्चियों को ये सोचकर भेजते है कि वो वहां पर सेफ रहेगी। वहीं से बच्चियों के साथ अमानवीय व्यवहार की घटना सामने आ रही है।

यहां पर कक्षा छह से 10 तक की करीब 125 छात्राओं को कपड़े उतारने पर मजबूर किया गया। इस घटना ने ना केवल बच्चों को मानसिक रूप से आहत किया बल्कि स्कूल पर भी सवाल खड़े किए है। इस घटना के बाद अभिभावकों और स्थानीय समुदाय में आक्रोश फैल गया है।

स्कूल में 125 छात्राओं के साथ अमानवीय व्यवहार

दरअसल ये पूरा मामला ठाणे जिले के शाहापुर तालुका में रतनबाई दमानी स्कूल का है। मंगलवार को स्कूल के शौचालय में खून के धब्बे मिले। प्रिंसिपल माधुरी गायकवाड ने इसे मासिक धर्म से जोड़ा। जिसके चलते उन्होंने सभी छात्राओं से पूछताछ शुरू की।

टीचर ने उतरवाए बच्चियों के कपड़े!

जब डरी हुई और सहमी सी छात्राएं कुछ जवाब नहीं दे पाईं तो प्रिंसिपल ने महिला कर्मचारियों की मदद लेकर बच्चों की तलाशी शुरू कर दी। आरोप है कि शोचालय में ले जाकर छात्राओं के कपड़े उतरवाए गए। साथ ही दीवार पर लगे खून के धब्बों को प्रोजेक्टर पर भी दिखाया गया। साथ ही छात्राओं के फिंगरप्रिंट तक लिए गए। स्कूल में पानी की कमी के चलते बच्चियों ने खून को दीवार पर पोंछने की कोशिश की थी। बच्चियों के कपड़े उतरवाकर ये चेक करना था कि बाथरूम में मौजूद खून के धब्बे किस प्रकार के हैं।

अभिभावकों का फूटागुस्सा, स्कूल के बाहर किया प्रदर्शन

घर जाकर जब बच्चों ने रोते हुए इस घटना की जानकारी अपने माता-पिता को दी। तब जाकर ये घटना सामने आई। गुस्साए अभिभावकों ने बुधबार को स्कूल जाकर प्रिंसिपल को घेर लिया। साथ ही इस अमानवीय घटना पर जवाब मांगा। जब स्कूल प्रबंधन और अर्चना एजुकेशनल ट्रस्ट के प्रमुख से संपर्क नहीं हो पाया तो बच्चों के पेरेंट्स ने शाहापुर पुलिस स्टेशन पर धरना देना शुरू कर दिया। “दमानी स्कूल हाय हाय” के नारे लगे। साथ ही दोषियों पर सख्स कार्रवाई की मांग की गई।

ई छात्राएं अब स्कूल जाने से डर रही

घटना की गंभीरता को समझते हुए पुलिस ने तुरंत इस मामले पर कार्रवाई की। प्रिंसिपल माधुरी गायकवाड सहित आठ लोगों के खिलाफ POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जा चुका है। जिसमें चार शिक्षक, दो ट्रस्टी और एक महिला कर्मचारी शामिल हैं। जल्द ही गिरफ्तारी की जाएगी। साथ ही प्रिंसिपल को सस्पेंड करने के लिए भी पत्र जारी कर दिया है। बता दें कि इस इस घटना के बाद कई छात्राएं अब स्कूल जाने से डर रही हैं। इस घटना ने उनके मानसिक स्वास्थ्य पर गहरा असर छोड़ा है

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव