उत्तराखण्ड

उत्तराखंड-यहाँ सामने आया बाल-विवाह का मामला,इतने महीने बाद ऐसे हुआ खुलासा, केस दर्ज

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ऋषिकेश से जबरन बाल विवाह करवाने का मामला सामने आया है। जिसका खुलासा शादी के सात महीने बाद हुआ। घटना प्रकाश में तब आई जब किशोरी ने अपने पति के खिलाफ बाल-संरक्षण में शिकायत की। आयोग ने पीड़िता की शिकायत का संज्ञान लेते हुए पुलिस को जांच के आदेश दिए हैं।


मामला ऋषिकेश के कृष्णा नगर कॉलोनी आइडीपीएल का है। पुलिस ने जांच के बाद पीड़िता के माता-पिता और उसके पति के खिलाफ बाल-विवाह प्रतिषेध अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर दिया है। जानकारी के मुताबिक कोतवाली प्रभारी निरीक्षक केआर पांडेय ने बताया की किशोरी की उम्र 16 साल है।


किशोरी के परिजनों ने उसका विवाह इसी साल फरवरी में विकास दास (22) महात्मा गांधी मार्ग, पंजाबी बाग पश्चिम के साथ जबरन करवा दिया था। शादी के बाद दोनों का झगड़ा होने लगा। किशोरी का पति उसके साथ मारपीट तक करने लगा। परेशान होकर किशोरी ने बाल संरक्षण आयोग का दरवाजा खटखटाया।


आयोग ने किशोरी की शिकायत का संज्ञान लेते हुए ऋषिकेश पुलिस को जांच करने के निर्देश दिए थे। जिसके बाद जांच में इस बात की पुष्टि हुई कि शिकायतकर्ता नाबालिग है और उसका बाल विवाह उसके माता-पिता ने जबरन करवाया था।


जांच अधिकारी उप निरीक्षक ज्योति प्रसाद उनियाल ने बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत आरोपित पति विकास दास, किशोरी की मां रीना और पिता गोपाल मंडल के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कराया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव