
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र समेत अन्य फर्जी दस्तावेजों के आधार पर MBBS में दाखिला कराने के मामले में एसआईटी ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। थाना रायपुर और क्लेमेंटटाउन में दर्ज मुकदमों की जांच के दौरान आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। इस मामले में अब तक कुल आठ आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने अपनी बेटियों को मेडिकल कॉलेज में दाखिला दिलाने के लिए कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार करवाए थे।
पांच साल से एजुकेशन कंसल्टेंसी के जरिए दाखिले कराने का आरोप
पुलिस के अनुसार, 13 सितंबर 2026 को थाना रायपुर और थाना क्लेमेंटटाउन में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र बनवाने के लिए ऑनलाइन आवेदन किए जाने के संबंध में मुकदमे दर्ज किए गए थे। जांच के दौरान अभ्यर्थियों की ओर से प्रस्तुत दस्तावेज फर्जी पाए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने एसपी ग्रामीण जया बलूनी के नेतृत्व में एसआईटी गठित की थी।
नक्शेदेखें
SIT की जांच में सामने आया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किया गया आरोपी रूपेश पंडित अपने साथियों के साथ पिछले पांच वर्षों से एजुकेशन कंसल्टेंसी का काम कर रहा था। वह मेरठ में मेकोडो पाठशाला नाम से कंपनी संचालित करता था। पुलिस के मुताबिक, इस कंपनी के माध्यम से अलग-अलग निजी विश्वविद्यालयों और विदेशों में MBBS, BTech, BCA, BBA और BCom जैसे पाठ्यक्रमों में कमीशन के आधार पर दाखिला दिलाया जाता था।
25 और 30 लाख देने का आरोप
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों ने अपनी बेटियों को MBBS में दाखिला दिलाने के लिए रूपेश पंडित से संपर्क किया था। आरोप है कि इसके बाद फर्जी आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र और स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र तैयार करवाए गए। SIT के अनुसार, इन दस्तावेजों के आधार पर एक आरोपी ने अपनी बेटी का मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया, जबकि दूसरे व्यक्ति ने अपनी बेटी को NEET काउंसलिंग में शामिल कराया था। आरोप है कि फर्जी दस्तावेज तैयार करवाने के एवज में एक व्यक्ति ने रूपेश पंडित को 25 लाख और दूसरे ने 30 लाख दिए थे।
हरिद्वार के मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराने का मामला
पुलिस के अनुसार, तीसरे आरोपी ने पूछताछ में बताया कि उसने अपने परिचित विशाल कुमार के साथ मिलकर अपनी बेटी के MBBS में दाखिले के लिए कथित तौर पर फर्जी स्थायी निवास प्रमाण पत्र, स्वतंत्रता संग्राम सेनानी आश्रित प्रमाण पत्र और आधार कार्ड तैयार करवाए थे। आरोप है कि इन दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उसकी बेटी का हरिद्वार स्थित जीएमसी मेडिकल कॉलेज में दाखिला कराया गया।
मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासी हैं आरोपी
एसआईटी ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मुजफ्फरनगर, हरिद्वार और बिजनौर के निवासियों के रूप में की है। पुलिस अब मामले से जुड़े दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य आरोपियों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। एसपी देहात जया बलूनी ने बताया कि मामले की जांच एसआईटी कर रही है और अब तक कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस प्रकरण से जुड़े अन्य पहलुओं की भी पड़ताल कर रही है।




