उत्तराखण्ड

हल्द्वानी में रामलीला का 143 साल पुराना इतिहासः रामलीला मैदान में जलेंगे 60 फीट ऊंचे रावण, कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले

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कुमाऊं मंडल के प्रवेश द्वार हल्द्वानी में विजयादशमी पर्व को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। शहर के ऐतिहासिक रामलीला मैदान में इस बार बुराई पर अच्छाई की जीत का प्रतीक पर्व बेहद खास होने जा रहा है, जहां 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले का दहन किया जाएगा। रावण के साथ-साथ कुंभकरण और मेघनाथ के पुतले भी आग के हवाले किए जाएंगे।दिवंगत शंभू बाबा की इस पारंपरिक विरासत को उनके शिष्य आगे बढ़ा रहे हैं। शंभू बाबा के शिष्य वीरपाल ने बताया कि पुतलों को बनाने में पर्यावरण का विशेष ध्यान रखा गया है। पुतले पूरी तरह प्रदूषण मुक्त हैं और इन्हें घास व कागज से तैयार किया जा रहा है।इस बार के पुतलों की सबसे बड़ी खासियत यह है कि 60 फीट ऊंचे रावण के पुतले की दोनों आंखें और मुंह चलते हुए दिखाई देंगे, जिन्हें आकर्षक लाइटिंग से सजाया गया है।रावण परिवार के इन विशालकाय पुतलों को तैयार करने के लिए एक दर्जन से अधिक कारीगर दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। इससे न केवल इन परिवारों को आजीविका मिल रही है, बल्कि वे भगवान श्रीराम की सेवा में भी अपना योगदान दे रहे हैं। हल्द्वानी के अलावा आसपास के कई शहरों से भी रामभक्त इस भव्य रामलीला और दशहरा महोत्सव के साक्षी बनने पहुंचते हैं। प्रशासन और आयोजन समिति द्वारा सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।

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News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव