उत्तराखण्ड

हल्द्वानी- स्मार्ट मीटरों पर फिर भड़का लोगों का गुस्सा, बिजली बिलों में भारी गड़बड़ी का आरोप

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हल्द्वानी। रामपुर रोड स्थित वार्ड नंबर-19 के पर्वतीय मोहल्ले में स्मार्ट मीटरों को लेकर उपभोक्ताओं का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। क्षेत्रवासियों का आरोप है कि स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद बिजली बिलों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हो गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। समस्या के समाधान की मांग को लेकर समाजसेवी विशाल वर्मा और पूर्व पार्षद प्रत्याशी अंजलि वर्मा के नेतृत्व में स्थानीय लोगों ने विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

बताया गया कि जिलाधिकारी ललित मोहन रायल को ज्ञापन सौंपे जाने के बाद उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन (यूपीसीएल) ने क्षेत्र में विशेष जांच शिविर लगाया। शिविर में करीब 75 से 80 उपभोक्ताओं के बिजली बिलों और स्मार्ट मीटरों की जांच की गई। जांच के दौरान पुराने और नए मीटरों की रीडिंग में 50 से 80 यूनिट तक का अंतर सामने आया, लेकिन इसके बावजूद अधिकांश उपभोक्ताओं के बिलों में कोई राहत नहीं दी गई।

स्थानीय लोगों के अनुसार विभाग ने केवल तीन मामलों में ही संशोधन का आश्वासन दिया। इनमें विष्णुपुरी गली नंबर-10 स्थित दुर्गा मंदिर समिति का 27,241 का बिल, उसी क्षेत्र के एक अन्य उपभोक्ता का लगभग 20 हजार का बिल तथा सावित्री कॉलोनी के एक उपभोक्ता का 22,971 का बिल शामिल है। अन्य उपभोक्ताओं को किसी प्रकार की राहत न मिलने से लोगों में नाराजगी और बढ़ गई है।

पूर्व पार्षद प्रत्याशी अंजलि वर्मा ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों के नाम पर उपभोक्ताओं से विभिन्न मदों में 500 से 550 तक अतिरिक्त शुल्क वसूला जा रहा है। वहीं समय पर बिल जमा न होने पर हर महीने 150 से 200 तक की पेनाल्टी लगाकर आम जनता का आर्थिक शोषण किया जा रहा है।

क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्मार्ट मीटरों से जुड़ी शिकायतों का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर धरना-प्रदर्शन और आंदोलन शुरू करेंगे। साथ ही मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से राज्य में स्मार्ट मीटर योजना पर रोक लगाने और पुराने बिजली मीटर दोबारा बहाल करने की मांग भी उठाई गई।

News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव