इन दो बड़े शहरों में होने जा रही है महाबैठक
सरकारी गलियारों से लेकर करीब 1.15 करोड़ परिवारों के बजट तक, इन दिनों सिर्फ एक ही चर्चा सबसे गर्म है 8वां वेतन आयोग। केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनर्स की किस्मत का फैसला करने वाली इस समिति ने अपनी रफ्तार तेज कर दी है। अलग-अलग राज्यों के दौरों और कर्मचारी संगठनों के साथ मैराथन बैठकों का दौर जारी है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता वाला ये पैनल अब सीधे जमीन पर उतरकर स्टेकहोल्डर्स से सुझाव और आंकड़े जुटा रहा है, जिससे कि आने वाले वक्त में एक मजबूत वेतन ढांचा तैयार किया जा सके।
वेतन आयोग जुलाई के महीने में देश के दो बड़े राज्यों का रुख करने वाला है। सबसे पहले 6 और 7 जुलाई 2026 को ओडिशा के भुवनेश्वर में स्टेकहोल्डर्स के साथ अहम चर्चा होगी। इसके ठीक बाद, 9 और 10 जुलाई 2026 को ये पैनल पश्चिम बंगाल के कोलकाता का दौरा करेगा। इन बैठकों में रेलवे, डिफेंस, डाक और अन्य केंद्रीय विभागों के कर्मचारी संगठन अपनी मांगों का पुलिंदा आयोग के सामने रखेंगे। इन मुलाकातों के लिए रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 15 जून को ही पूरी हो चुकी है।
डेटा देने की आखिरी तारीख नजदीक
इस नए वेतन ढांचे के फैसलों का सीधा असर देश के लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों पर पड़ेगा। बता दें कि आयोग ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए ऑनलाइन डेटा सबमिशन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 तय की है। इसके अलावा, आयोग में 20 कंसल्टेंट्स की भर्ती की प्रक्रिया भी चल रही है, जो सैलरी और पेंशन के गणित को सुलझाने में मदद करेंगे।
कब लागू होगी नई सैलरी?
आधिकारिक नियमों के मुताबिक, नवंबर 2025 में गठन के बाद आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय मई 2027 तक मिला है। हालांकि, कर्मचारी संघों को उम्मीद है कि आयोग डिजिटल टूल्स की मदद से काम जल्दी निपटाकर बजट 2027 से पहले यानी मार्च-अप्रैल 2027 तक अपनी सिफारिशें सरकार को सौंप सकता है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि इस बार फिटमेंट फैक्टर में बढ़ोतरी के साथ कर्मचारियों की बेसिक सैलरी में 25% से 30% तक का उछाल देखने को मिल सकता है।

