
हल्द्वानी, 20 अक्टूबर 2026
उत्तराखंड के बुनियादी मुद्दों, स्थानीय अधिकारों और राज्य के समग्र विकास की मांगों को लेकर उत्तराखंड क्रांति दल (UKD) का हल्द्वानी के बुद्ध पार्क (तिकोनिया) में अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन आज तीसरे दिन भी जारी रहा। 18 अक्टूबर से शुरू हुए इस धरने में पार्टी के शीर्ष नेताओं से लेकर सैकड़ों कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ आवाज बुलंद कर रहे हैं।
‘उत्थान यात्रा’ के बाद बड़े आंदोलन का आगाज
यूकेडी ने इससे पहले 11 अक्टूबर 2026 को हल्द्वानी से ही अपनी ‘उत्तराखंड उत्थान यात्रा’ के पहले चरण की शुरुआत की थी। कुमाऊं मंडल के विभिन्न जिलों और ग्रामीण क्षेत्रों का दौरा कर जनता को जागरूक करने के बाद, पार्टी अब हल्द्वानी के बुद्ध पार्क में अनिश्चितकालीन मोर्चे पर बैठ गई है। नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाती, यह आंदोलन समाप्त नहीं होगा।
दल की मुख्य मांगें:
पार्टी कार्यकर्ताओं ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों को लेकर मोर्चा खोला है:
- सख्त भू-कानून: राज्य में बाहरी व्यक्तियों द्वारा जमीनों की अंधाधुंध खरीद पर रोक लगाने के लिए मजबूत भू-कानून लागू करने की मांग।
- मूल निवास 1950: उत्तराखंड के मूल निवासियों के अधिकारों की रक्षा के लिए मूल निवास की कट-ऑफ डेट 1950 तय करने की मांग।
- स्थानीय रोजगार: राज्य के युवाओं के लिए सरकारी और निजी क्षेत्रों में 80% नौकरियां आरक्षित करने की मांग।
- पहाड़ी क्षेत्रों का विकास: पर्वतीय अंचलों में स्वास्थ्य, शिक्षा और जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए ठोस नीति बनाने की मांग।
नेताओं का बयान
धरना स्थल पर मौजूद यूकेडी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कहा, “उत्तराखंड राज्य का गठन जिन सपनों और शहादत के साथ हुआ था, मौजूदा सरकारें उन्हें भूल चुकी हैं। जल, जंगल और जमीन पर मूल निवासियों का हक छीनने की साजिश हो रही है। यूकेडी राज्य की अस्मिता से कोई समझौता नहीं करेगी।”
आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी जायज मांगों पर जल्द ही कोई सकारात्मक रुख नहीं अपनाया, तो इस प्रदर्शन को पूरे प्रदेश में ब्लॉक और जिला स्तर पर उग्र रूप से फैलाया जाएगा।


