
उत्तराखंड के रुद्रपुर में मौलाना के एक भड़काऊ बयान ने सूबे की सियासत में उबाल ला दिया है। मंच से मुफ्ती का ऐसा बयान सामने आया है जिसपर खुद सूबे के मुखिया पुष्कर सिंह धामी ने करारा जबाब दे डाला है।
रुद्रपुर में मौलाना के बयान पर बवाल
रुद्रपुर में जुलूस-ए-मोहम्मदी के दौरान दिए गए एक मौलाना के कथित भड़काऊ और सरकार को चेतावनी देने वाले बयान के बाद मामला गरमा गया है। बताया जा रहा है कि जुलूस के दौरान बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी में मौलाना ने सरकार को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की। मौलाना ने मंच से कह डाला कि ‘मदरसे बंद किए तो देखना मुसलमान क्या हाल करेंगे’।
पुलिस ने किया मौलाना को गिरफ्तार
देखते ही देखते मौलाना के इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। वीडियो के वायरल होते ही पुलिस प्रशासन हरकत में आया। पुलिस ने मामले का स्वतः संज्ञान लेते हुए मौलाना को देर रात गिरफ्तार कर लिया है।
आयोजकों ने वीडियो को बताया AI-generated
हालांकि मंच से दिए गए मौलाना के बायान पर आयोजक की सफाई भी सामने आई है। आयोजकों की तरफ से दावा किया गया है कि सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो AI-generated वीडियो है। अब अगर ये दावा सही है, तो मामला और भी गंभीर हो जाता है।
मदरसा बोर्ड ख़त्म करने का विरोध
मामला मदरसों की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ा है। धामी सरकार ने 1 जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड को समाप्त कर दिया है। इसके साथ ही मदरसों के लिए अलग कानूनी ढांचे की जगह अल्पसंख्यक शिक्षण संस्थानों के लिए साझा नियामक व्यवस्था लागू की गई है। सरकार का तर्क है कि इससे शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी। साथ ही मानक एक जैसे होंगे। बच्चों को धार्मिक शिक्षा के साथ-साथ आधुनिक शिक्षा, विज्ञान, गणित, कंप्यूटर और कौशल आधारित शिक्षा से भी जोड़ा जाएगा।
दूसरी तरफ इसी बदलाव को लेकर विरोध भी सामने आ रहा है। रुद्रपुर में सरकारी जमीन पर कथित अतिक्रमण को लेकर प्रशासन की कार्रवाई पहले से चर्चा में थी। मदरसा व्यवस्था में बदलाव ने इस विवाद को और राजनीतिक रंग दे दिया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने भी मामले पर सख्त रुख अपनाया है। साथ ही मंच से साफ संदेश दिया है कि अब धमकी देने का जमाना गया अब कानून का राज है।
