उत्तराखण्ड

अल्मोड़ा में छात्रा की कथित पिटाई से हड़कंप, घायल छात्रा का वीडियो वायरल; शिक्षा विभाग ने शुरू की जांच

खबर शेयर करें -

 ।

लमगड़ा। अल्मोड़ा जिले के लमगड़ा ब्लॉक स्थित राजकीय इंटर कॉलेज पुभाऊं में छात्रा के साथ शिक्षिका द्वारा कथित मारपीट का मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में आक्रोश है। घटना की जानकारी सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि किसी बात को लेकर शिक्षिका और छात्रा के बीच विवाद हुआ, जिसके बाद शिक्षक पर छात्रा की कथित पिटाई करने का आरोप है। घटना के बाद छात्रा के शरीर पर चोट के निशान होने का दावा किया जा रहा है। इसी बीच घायल छात्रा का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उसके शरीर पर चोट के निशान दिखाई देने की बात कही जा रही है। हालांकि, वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।


काफी दूरी और दुर्गम रास्ता तय करने के बाद विद्यालय पहुंचती है छात्रा


स्थानीय लोगों के अनुसार छात्रा प्रतिदिन करीब छह किलोमीटर की दूरी तय कर विद्यालय पहुंचती है। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण आने-जाने में उसे करीब दो से ढाई घंटे तक का समय लगने का दावा किया जा रहा है। ऐसे में विद्यालय में कथित मारपीट की घटना सामने आने से अभिभावकों और ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।


शिक्षा विभाग ने दिए जांच के निर्देश


मामले की जानकारी मिलते ही शिक्षा विभाग ने संज्ञान लिया। प्रभारी मुख्य शिक्षा अधिकारी डॉ. रवि मेहता ने खंड शिक्षा अधिकारी को विद्यालय पहुंचकर पूरे प्रकरण की जांच करने के निर्देश दिए हैं।
जांच के दौरान छात्रा के बयान, घटना की परिस्थितियों और विद्यालय से जुड़े अन्य तथ्यों की जानकारी जुटाई जाएगी। विभाग की ओर से कहा गया है कि जांच में यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।


जांच रिपोर्ट से साफ होगी पूरी तस्वीर


घटना के बाद ग्रामीणों और अभिभावकों ने विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा और शिकायतों के निस्तारण की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं। लोगों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर सच्चाई सामने लाई जाए और आरोप सही पाए जाने पर जिम्मेदार व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।


फिलहाल वायरल वीडियो और छात्रा के साथ कथित मारपीट के आरोपों की पूरी सच्चाई जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगी। बच्चों को पढ़ाई के लिए लंबी दूरी तय कर विद्यालय पहुंचना पड़ता है, ऐसे में स्कूल में उन्हें सुरक्षित, सम्मानजनक और भयमुक्त वातावरण मिलना बेहद जरूरी है

ADVERTISEMENTS Ad
News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव