उत्तराखण्ड

झामुमो-भाजपा सरकार?, कांग्रेस के साथ ‘खेला’?, एनडीए की सरकार बना सकते हैं मुख्यमंत्री हेमंत !

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कांग्रेस कोटे से सबसे वरीय मंत्री और सरकार में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले राधा कृष्ण किशोर के इस कम से सभी हैरान हैं.

JMM-BJP government in Jharkhand 'game' played Congress Chief Minister Hemant Soren could form an NDA government | झारखंड में झामुमो-भाजपा सरकार?, कांग्रेस के साथ 'खेला'?, एनडीए की सरकार बना सकते हैं मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन!
file photo

Highlightsसुरक्षा में लगे जवानों और वाहनों को वापस करके सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है.मुख्यमंत्री का यह दौरा निजी बताया जा रहा है. लेकिन सियासी गलियारे में कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं.राधा कृष्ण किशोर की नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली चले गए हैं.

रांचीः झारखंड की सियासत में सत्तारूढ़ गठबंधन (झामुमो-कांग्रेस) के भीतर इन दिनों काफी सियासी हलचल देखने को मिल रही है. हाल ही में हुए राज्यसभा चुनावों में क्रॉस-वोटिंग से उपजे असंतोष के बाद दोनों पक्षों में तनातनी काफी बढ़ गई है. हाल के दिनों में वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने अपनी सुरक्षा में लगे जवानों और वाहनों को वापस करके सियासी हलकों में हलचल बढ़ा दी है.

इसके साथ ही उन्होंने एक साथ कई मुद्दों पर नाराजगी जाहिर कर यह संकेत दे दिया है कि गठबंधन के भीतर सब कुछ सामान्य नहीं है. वहीं, सरकारी फैसलों की शैली, कांग्रेस कार्यकर्ताओं की उपेक्षा को लेकर कई वरिष्ठ नेता नाराज बताए जा रहे हैं. हाल यह है कि राधा कृष्ण किशोर पिछले कुछ दिनों से अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे हैं.

कांग्रेस कोटे से सबसे वरीय मंत्री और सरकार में नंबर-2 की हैसियत रखने वाले राधा कृष्ण किशोर के इस कम से सभी हैरान हैं. राधा कृष्ण किशोर की नाराजगी के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन दिल्ली चले गए हैं. मुख्यमंत्री का यह दौरा निजी बताया जा रहा है. लेकिन सियासी गलियारे में कई तरह की चर्चाएं होने लगी हैं.

इसका मुख्य कारण यह है कि झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और पूर्व मुख्यमंत्री एवं विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी इन दिनों दिल्ली में हैं. दोनों नेताओं ने रविवार को पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन से मुलाकात करके प्रदेश की राजनीतिक स्थिति समेत कई मुद्दों पर चर्चा की. ऐसे में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दिल्ली दौरे को लेकर प्रदेश का सियासी अटकलों का बाजार गर्म हो गया है.

सियासी गलियारों में चल रही चर्चाओं पर गौर करें तो आने वाले वक्त में सूबे की सियासत में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता हैं. चर्चा है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अब कांग्रेस नेताओं की बयानबाजी से नाराज हो गए हैं और जल्द ही भाजपा के साथ गठबंधन करके झारखंड में एनडीए की सरकार बना सकते हैं.

इसका मुख्य कारण यह भी बताया जा रहा है कि झारखंड महागठबंधन में टूट के संकेत राज्यसभा चुनाव के वक्त ही सामने आ गया था. महागठबंधन के पास पर्याप्त नंबर होने के बावजूद कांग्रेस उम्मीदवार प्रणव झा को हार का सामना करना पड़ा था. ऐसे में कांग्रेस ने भले ही हार के लिए राजद और वामदलों पर धोखा देने का आरोप लगाया हो,

लेकिन झारखंड की स‍ियासत को समझने वाले कह रहे क‍ि इसके पीछे सोरेन की रणनीति थी. इस एक दांव से हेमंत सोरेन ने कांग्रेस को भी सबक सिखा दिखा और एनडीए को दिखा दिया कि उनके विधायकों को तोड़ना आसान नहीं. राज्यसभा चुनाव में झामुमो के विधायक भी एकजुट रहे और कांग्रेस की लुटिया डुबोकर एनडीए को संदेश भी भेज दिया गया.

हालांकि, हेमंत सोरेन के एनडीए में जाने की अटकलबाजी दिसंबर 2025 से लगातार जारी है, लेकिन झामुमो अध्यक्ष ने हमेशा इंडिया गठबंधन की मजबूती की वकालत की है. उल्लेखनीय है कि 4 जुलाई को वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने वित्त सचिव प्रशांत कुमार को एक पत्र भेजा है.

इस पत्र में राधा कृष्ण किशोर ने पूछा है कि विभाग के संयुक्त सचिव पंकज सिंह ने किस हैसियत और प्रावधान के तहत मुझे गाड़ी वापस करने से संबंधित नोटिस भेजा है. कार्यपालिका में ऐसा कौन सा प्रावधान है. किसके कहने पर उन्होंने पत्र भेजा है. वित्त मंत्री ने कहा कि अगर पुलिस मुख्यालय का आदेश था, तो फिर वह पत्र दिखाएं, वित्त सचिव को पूरे मामले में जांच करने को कहा है.

10 दिनों के अंदर रिपोर्ट मांगी है. संयुक्त सचिव पर विभागीय कार्रवाई करने को कहा है. हालांकि वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने कहा कि मैं सरकार का ही काम कर रहा हूं. सरकार से नाराजगी जैसी बात नहीं है. व्यवस्था को जवाबदेह बना रहा हूं. मंत्री परिषद के प्रति व्यवस्था की जवाबदेही है.

एक मंत्री राज्य के डीजीपी को पत्र लिखे. तीन महीने तक जवाब नहीं मिले. राज्य का एक संयुक्त सचिव मंत्री को सीधे पत्र लिखे और गाड़ी वापस करने का नोटिस दे. हेमंत सोरेन की सरकार में यह सब नहीं चलेगा. अधिकारियों को राजकीय गरिमा का ख्याल रखना होगा. इसको बचाने के लिए ही हम काम कर रहे हैं. अधिकारी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम नहीं कर सकते हैं.

News100Live Desk
टीम न्यूज़ 100 लाइव